रविवार, 14 अप्रैल 2013

धर्मनिरपेक्षता राजनैतिक पाखण्ङ

धर्मनिरपेक्षता राजनैतिक पाखण्ङ
घर-घर जाकर पूँछा, किसी ने अपने को इस्लाम, किसी ने हिन्दु, किसी ने ईसाई और किसी ने सिख धर्म का अनुयायी बताया, अपने आपको। मैने उन्हे धर्मनिरपेक्ष होने को कहा पर कोई तैयार न हुआ और मेरी बात पर लोग मरने मारने का तैयार हो गये। लोगों ने यहाँ तक कहा कि हम जान दे सकते हैं पर, अपना धर्म नहीं त्याग सकते हम धर्मनिरपेक्ष नहीं हैं और न होना चाहते है, हम अपना धर्म मानते हैं और दूसरों के धर्म का आदर करते हैं। सोचिए जरा, धर्म न मानने वाले मुट्ठी भर धर्मनिरपेक्ष लोग धर्मवान लोगों को धर्मनिरपेक्षता के नाम पर ठग कर अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेंक रहे हैं और धर्मप्रिय जनता धर्मनिरपेक्षता का अर्थ भी नहीं समझ पाई अभी तक।

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